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हमारा धर्म

#धर्म #

अगर धर्म से प्यार है तुमको

तो उसका सम्मान करो।

नही अगर कर सकते हो,

तो चिंतन और विचार करो ।

जबरन बांध के रखने का,

हमारे यहां रिवाज़ नही।

बेमन इसका सम्मान करो,

इसके लिए तुम बाध्य नहीं

कुछ भी कहने करने से पहले,

चिंतन और विचार करो।

क्योंकि जबरन बांध के........

पूजा पाठ नही करना,

तो कौन हांथ पकड़ करवाता है ।

लिकिन धर्म का मजाक उड़ाओ,

ये बिलकुल हमें स्वीकार नहीं।

क्योंकि जबरन बांध के..............

धर्म हमारा हर मजहब का,

करना सम्मान सिखाता है,

गलती करो हजारों तुम,

उसे माफ भी करना सिखाता है।

सही सही गर ज्ञान न हो तो,

सोच को अपनी विराम दो।

क्योंकि जबरन बांध के.............

चलो चार दिन किसी धर्म में,

रहकर हमें दिखाओ तुम।

जितनी छूट मिली है यहां,

वहां पाकर के दिखाओ तुम।

फिर आकर हमको सिखलाना,

धर्म हमारा कैसा है।

क्योंकि जबरन बांध के......

जब तक ज्ञान हो खुद को,

किसी और को ज्ञान नही देना।

वेदों उपनिषदों को पढ़कर,

मन की चंचलता को हर लेना।

आधा अधूरा ज्ञान धर्म का,

जहर से ज्यादा घातक है।

सदा बोलेने से पहले,

वाणी पे अपनी विचार करो।

मेरे धर्म का कोई मजाक उड़ाएं,

ये अब हमको बर्दाश्त नहीं

रूबी चेतन शुक्ला

अलीगंज

लखनऊ

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6 Comments

बहुत ही सुंदर और बेहतरीन अभिव्यक्ति

Reply

Rubi Chetan Shukla

25-Sep-2023 04:50 AM

जी धन्यवाद

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Reena yadav

22-Sep-2023 07:42 AM

👍👍

Reply

Rubi Chetan Shukla

25-Sep-2023 04:50 AM

जी धन्यवाद

Reply

Gunjan Kamal

21-Sep-2023 10:33 PM

बहुत खूब

Reply

Rubi Chetan Shukla

25-Sep-2023 04:50 AM

जी धन्यवाद

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